This grain is a storehouse of calcium. Calcium की कमी से क्या होता है?
This grain is a storehouse of calcium.:दोस्तों क्या आपको थकान और कमजोरी महसूस होती है,क्या आपको कभी बिना किसी कारण के हड्डियों और मांसपेशियों में दर्द महसूस होता है? आप बाम और स्प्रे लगाकर दर्द ठीक करने का प्रयत्न करते हैं परन्तु दर्द फिर भी बना रहता है और आपको डेली रूटीन के कामों को करने में भी प्रोब्लम होने लगती है।
इसका मतलब यह है दोस्तों कि आपके बॉडी में कैल्शियम की कमी है, यदि शरीर में कैल्शियम की कमी हो जाती है तो हड्डियां कमज़ोर और नाज़ुक हो जाती हैं तो आप इसको नजरंदाज न करें कैल्शियम शरीर के लिए एक महत्वपूर्ण खनिज है, हमारे दांतों और हड्डियों में 99% कैल्शियम होता है|

आज हम इसका इलाज बताने जा रहे हैं जिससे किआप अपने शरीर के अंदर कैल्शियम की कमी को जल्दी पूरा करेंगे इस इलाज से 60 की उम्र वालों की हड्डियां भी 25 की उम्र जैसी हो जाएं
चलिए जान लेते हैं शरीर में कैल्शियम का क्या काम है ?
शरीर में कैल्शियम का काम हमारे शरीर की हड्डियों को मजबूती देना होता है ,यही नहीं, इसके साथ ही यह दातों को मजबूत बनाता है औरब्लड सेल्स को स्ट्रॉन्ग बनाता है ,ब्लड को कण्ट्रोल करने और डायबिटीज़ से बचाने में भी कैल्शियम महत्वपूर्ण रोल निभाता है ,यह शरीर के विकास और मसल बनाने में भी सहायक होता है|
शरीर में कैल्शियम की कमी होने के लक्षण ….

मांसपेशियों में दर्द, ऐंठन और मरोड़ कैल्शियम की कमी के शुरुआती संकेत हैं. लोगों को चलते वक्त या किसी भी तरह के मूवमेंट के दौरान जांघों और हाथ में दर्द का अनुभव हो सकता है ,इसकी कमी के कारण हाथ, पैर और मुंह के आसपास सुन्न और सिहरन सा भी महसूस हो सकता है.
लोगों को बहुत ज्यादा थकान, सुस्ती, आलस और ऐसा लग सकता है कि एनर्जी की कमी है. कैल्शियम की कमी नींद न आने की वजह हो सकती है ,कैल्शियम की कमी से थकान चक्कर आना और ब्रेन फॉग का कारण बन सकती है, जिसमें फोकस करने में परेशानी, भूलना और कन्फ्यूजन शामिल है.

कैल्शियम की कमी आपकी त्वचा और नाखूनों को भी इफ़ेक्ट करती है ,स्किन रूखी और लाल हो सकती है और उसमें खुजली हो सकती है. वहीं इसकी कमी से नाखून ड्राइ और इतने कमजोर हो सकते हैं कि खुद ब खुद टूटने लगें|
जब कैल्शियम की कमी होती है, तब शरीर इसकी पूर्ति दांतों और हड्डियों से कर सकता है. इस वजह से दांतों की दिक्कतें शुरू होती हैं, जैसे कमजोर दांत, मसूड़ों में समस्या, दांतों में सड़न ,शिशुओं में कैल्शियम की कमी से दांतों का निर्माण देर से हो सकता है|

अगर कैल्शियम जरूरत से कम है तो हमारी इम्यूनिटी पावर कमजोर होगी यानी कि कोई भी बीमारी हमें बहुत जल्दी हो जाएगी
कैल्शियम की कमी के कारण ऑस्टियोपेनिया और ऑस्टियोपोरोसिस हो सकता है,ऑस्टियोपेनिया, जिसमें बोन्स की मिनरल डेंसिटी कम हो जाती है और इस वजह से ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ जाता है,जिसमें हड्डियों का डेंसिटीकम हो जाता है. हड्डियां इतनी कमजोर हो जाती हैं कि गिरने से, झुकने या छींकने-खांसने पर भी हड्डियों में फ्रैक्चर होने का खतरा रहता है|
अगर हमारे शरीर में कैल्शियम की कमी हो जाती है तो हड्डियां कमजोर हो जाती है धीरे-धीरे वह खोखली पड़ने लगती है ,
डिलीवरी के बाद महिलाओं में कैल्शियम की काफी कमी हो जाती है इसलिए उनको गर्भावस्था के दौरान कैल्शियम की दवाई लेने की सलाह दी जाती है| कैल्शियम की कमी के कारण आंतों व् स्वांस के रोग बहुत जल्दी हो जाते हैं
शरीर मैं सही हिमोग्लोबिन व पानी की सही मात्रा होने के बावजूद अगर आप के मसल में दर्द रहता है, मांसपेशियों में दर्द वह खिंचाव रहता है तो मान लीजिए आपके शरीर में कैल्शियम की कमी है
कैल्शियम की कमी होने पर इसके सही आहार नहीं लेने पर बाल झड़ने लगते हैं बाल कठोर हो जाते हैं बहुत ही बेजान और रूखे हो जाते हैं
दोस्तों हम इस एक चीज के द्वारा शरीर में कैल्शियम की कमी को बहुत तेजी से पूरा कर सकते हैं बाकी चीजों की तुलना में तो आइए जानते हैं वह एक चीज कौन सी है
रागी :-
रागी के फायदों के बारे में लोग बहुत कम जानते हैं पुराने समय में लोग रागी व बाजरी की खिचड़ी खाते थे जिससे उनकी हड्डियां मजबूत होती थी और कोई अन्य पदार्थ इतना कैल्शियम से भरा हुआ नहीं है जितना रागी है
जो भी लोग राखी खाते हैं उनको कभी भी अर्थराइटिस वह हड्डियों से संबंधित कोई भी प्रोब्लम नहीं होती है, यह एक बहुत महत्वपूर्ण चीज है
चलिए जानते है रागी का सेवन किस तरह से करें –
- आप इसका दलिया बनाकर भी खा सकते हैं
- अगर आप दलिया बनाकर नहीं खाना चाहते इसकी रोटी भी बना सकते हैं
- हड्डियों के कैल्शियम की कमी को पूरा करने व शरीर के कैल्शियम की कमी को पूरा करने लिए एक अन्य तरीके से भी रागी को खा सकते हैं
- आप एक कटोरी दही लीजिए उसमें एक चम्मच रागी मिक्स कर लीजिए
इसे सुबह नाश्ते के समय खाएं
रागी खाने के अन्य फायदे –
वजन कम करने के लिए –
जो लोग अपना वजन कम करना चाहते हैं वे लोग रागी का सेवन जरूर करें इसमें बहुत सारा फाइबर होता है जो लोग वजन घटाना चाहते हैं और पोषक तत्व वाली डाइट लेना चाहते हैं तो वह लोग गेहूं, चावल की जगह रागी का इस्तेमाल करें
डायबिटीज –
- रागी के अंदर हाई पेनिफिनोल होता है यह डायबिटीज को कंट्रोल करता
- रागी के सेवन से शरीर में ग्लूकोज तेजी से नहीं घुलता
- रागी में आयरन कुछ मात्रा में होता है जिससे कम हिमोग्लोबिन को बढ़ाया जा सकता है यानी खून की कमी को पूरा किया जाता है
विटामिन सी आयरन का अवशोषित करने में मदद करता है जब हम रागी के अंकुरित अनाज निकाल लेते हैं तो इसमें विटामिन सी अच्छी मात्रा में हो जाता है जिससे हमारी बॉडी को आयरन ज्यादा मिलता है
जिनको भी हाई बीपी की प्रॉब्लम है उनको रागी सुबह दही के साथ मिक्स करके जरूर खानी चाहिए
जिनके आर्टिरीज में प्लानेट जमा होता है यानी कि बुरे कोलेस्ट्रोल की समस्या है उनको भी रोजाना दही में रागी मिक्स करके खाना बहुत फायदेमंद है
रागी में मौजूद ट्रिफ्टो फिनोल और अमीनो एसिड नाम के दो एनटी एक्सीडेंट होते हैं जो इसको सेहत के मामले में बहुत खास बना देते हैं यह बॉडी में इनसोम्निया को दूर करते हैं |
जिन लोगों को गेहूं से एलर्जी होती है तो उनके लिए रागी खाना बहुत फायदेमंद
स्तनपान करवाने वाली महिलाओं के लिए रागी खाना बहुत ही फायदेमंद माना जाता है उनकी रिकवरी के लिए बहुत ही फायदेमंद है

