Eliminate diabetes from the root:शुगर Diabetes झट से कंट्रोल कर देती हैं ये सब्जियां, आज से खाना शुरू कर दो
दोस्तों क्या डाइबिटीज वाले लोग छुहारे खा सकते हैं, छुहारा यानि सुखी खजूर दूसरा सवाल ये है क्या आप डाइबिटीज में पका हुआ केला खा सकते हैं और तीसरा सवाल ये हैं कि क्या डाइबिटीज दूध दही लस्सी वगेरह पे सकते हैं या नही,
तो दोस्तों अगर आप एलोपेथिक डॉक्टरों के हिसाब से देखें तो डॉक्टर आपको कुछ और कहते हुए नजर आयेगे और अगर आप मॉडर्न साइंस की डाइबिटीज के ऊपर की हुयी रिसर्च पढेंगे तो डॉक्टरों की बात से बिलकुल उल्टा आपको नजर आएगा यानि मॉडर्न साइंस कुछ और कहती है और मोडर्न डॉक्टर्स कुछ और कहते हैं, दोनों में तालमेल की कमी है इस वजह से आम लोग के मन में बहुत सारे सवाल खड़े हो जाते हैं,
बहुत सारी दुविधा पैदा हो जाती है कि किसकी माने डॉक्टरों की माने या जो विडियो देखा है उसकी माने मुझे इसका कारण समझ में नहीं आता
या तो ऐसी बात हैं कि डॉक्टर कई साल पहले अपनी पढाई पूरी कर चुके हैं और आज की डेट में जो नई रिसर्च हो रही है वह उससे अपडेटेड नहीं है और क्योंकि डॉक्टरों को नई रिसर्च के बारे में पता नहीं है तो वह नई बात को मानने के लिए तैयार नहीं है, लेकिन कुछ डॉक्टर्स जो डाइबिटीज को बेहतर ढंग से समझते हैं और लोगों को इसके बारे में बताते भी हैं,
ज्यादातर डॉक्टर आपको यही कहेंगे कि मीठे फल न खाएं लेकिन दूध दही लस्सी आप कम मात्रा में पी लें लेकिन यह बिलकुल उलटी बात है, असल में इससे उल्टा होना चाहिए मीठे फल आप कम मात्रा में खा लें, लेकिन दूध दही लस्सी आप पीना छोड़ दीजिये,
डाइबिटीज वाले लोग सभी फल खा सकते हैं, चाहे मीठा हो चाहे खट्टा हो पका हो कच्चा हो कोई सा भी हो सभी फल खा सकते हैं लेकिन क्यों खा सकते हैं कुछ फलों को खाने से तो शुगर लेवल बढ़ सकता है तो फिर सभी फलों को क्यों खा सकते हैं वह इसलिए क्योंकि डाइबिटीज की बीमारी में शरीर को बहुत नुकसान होता है, इस नुकसान की भरपाई करने के लिए शरीर को बहुत सारे पोषक तत्वों की जरुरत होती है और फलों में आपको पता ही है कि पोषक तत्व भरपूर होते हैं,
तो अगर आप फल नहीं खायेंगे तो आप बहुत सारे जरूरी पोषक तत्व मिस कर देंगे जिससे आपके बीमार शरीर को और ज्यादा नुकसान होगा, इसलिए आपको डाइबिटीज में फल खाने बंद नहीं करने हैं सभी फल खाने हैं क्योंकि हर फल में अपना एक अलग न्यूट्रीशन होता है
फलों के बाद सबसे ज्यादा पोषक तत्व कच्ची सब्जियों में होते हैं तो आप लोग दिन में कितने किलो कच्ची खाते हैं ज्यादातर लोग 100 ग्राम भी कच्ची सब्जियां नहीं खाते होंगे तो आप लोग कच्ची सब्जी खाते नहीं हैं फल खाना आपने छोड़ दिया तो फिर बचा क्या ?
दुध दही डेयरी प्रोडक्ट्स अंडा मांस मछली माफ़ कीजियेगा ये सुनकर बुरा लगेगा लेकिन यह चीजें आप अपने सेहत के लिए नहीं खाते आप अपने स्वाद के लिए खाते हैं
मुझे पता है आयुर्वेद में भी यह कहा गया है कि आप गाय का दूध पीजिये , गाय का घी खाइए वह सब बातें ठीक हैं में उनको मना नहीं कर रहा हूँ लेकिन दूध और घी फल और सब्जियों के जगह नहीं ले सकते हैं
अब कुछ लोग कहेंगे देसी गाय का दूध अच्छा होता है, देसी गाय का घी अच्छा होता है सब अपनी जगह ठीक है लेकिन सब्जियों के बिना आप बिमरियों से ग्रस्त हो जायेंगे एक बात और जान लीजिये दूध और दूध से बनी हुयी चीजें जो आपको आजकल के ज़माने में मिलती हैं ये वैसी नहीं हैं जैसे सौ साल पहले मिला करती थीं और सौ साल पहले जो लोग दूध दही घी खाया करते थे इन चीजों को पचाने के लिए वह जो काम करते थे वह काम भी आप लोग नहीं करते,
हमारे दादा परदादा चार बजे उठकर खेतों में हल जोता करते थे वह भी पैदल बैल की सहायता से और सूर्य निकलने से पहले वह 5 -10 किलोमीटर खेत के ही अन्दर पैदल घूम लिया करते थे वह भी नंगे पैर और आप एक दिन में कितने किलोमीटर पैदल चलते हो
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आप लोग दादा परदादा वाला खाना खाना चाहते हो लेकिन दादा परदादा वाला काम नहीं करना चाहते हो, अगर बैठे बैठे दादा परदादा वाला खाना खाओगे तो फिर डाइबिटी ही होगी और क्या होगा, इसलिए अगर आप डाइबिटीज से छुटकारा पाना चाहते हैं
तो एक बात गांठ बांध लीजिये डॉक्टर चाहे जो मर्जी कहे आपको दूध और दूध से बनी चीजें छोडनी पड़ेगी तभी आपकी डाइबिटीज की दवा बंद हो पायेगी, नहीं तो आपकी डाइबिटीज धीरे धीरे बढती ही रहेगी आपकी दवा की मात्रा डॉक्टर बढाते जायेगा पहले गोलियां बढाता जायेगा, फिर आप इंजेक्शन के ऊपर आ जायेंगे =, फिर इंजेक्शन बढाता जायेगा और फिर आगे क्या होगा आपको पता ही है
अब कुछ लोग कहेगे इतना परहेज से तो मरना बेहतर है तो ऐसे लोगों से में बस यही बात कहना चाहता हूँ कि पहली बात तो बोलना आसान होता है, जब मृत्यु सामने नजर आती है उस समय किसी भी व्यक्ति का मरने का मन नही करता है
दूसरी बात आपको यह निर्णय लेना पड़ेगा कि आप खाने के लिए जी रहे हैं या जीने के लिए खा रहे हैं, अगर अप सिर्फ खाने के लिए जी रहे हैं यानि आपके जीवन का मकसद सिर्फ खाना है फिर तो आपको किसी परहेज की जरुरत नहीं है आपके पास जितना जीवन है आप खाते रहिये जो आपके मन में आता है खाते रहिये,
लेकिन अगर आप जीने के लिए खाते हैं आप जीना चाहते हैं तो फिर आपको अपना खान पान बदलना होगा, आपको रेडीमेट सभी खाने की चीजें बंद करनी होगी, जानवरों से मिलने वाला हर तरह का भोजन बंद करना होगा और पूरी तरह से शाकाहारी बनकर फलों का सेवन करना होगा, कच्ची सब्जियों का सेवन करना होगा, दलों का सेवन करना होगा, इन सभी चीजों में भी बहुत स्वाद है बस आपको अपने मन को बदलने की जरुरत है
जो बहुत ज्यादा मीठे फल होते हैं जैसे आम, पका हुआ केला, चीकू इन्हें आप इस तरीके से खाएं कि आपका शुगर लेवल न बढे, इन्हें आप कम मात्रा में खा सकते हैं खजूर किशमिश छुहारे को भी आप कम मात्रा में खा सकते हो , आपको इन्हें खाना है ताकि इसमें मौजूद पोषक तत्व आपके शरीर को मिल सके चाहे कम मात्रा में ही सही
और दूसरी बात दूध और दूध से बनी चीजों को आपको खाना बंद करना है जब अप ऐसा करते हैं तो आपका शुगर लेवल एकदम से कम होना शुरू हो जाता है क्योंकि दूध और दूध से बनी चीजें शुगर लेवल को काफी बढाती हैं
