Effects Of Triphala Churan: खाली पेट त्रिफला 1 चम्मच 18 भयंकर रोग ख़त्म, कभी नहीं आएगा मोटापा
आज के इस आर्टिकल में हम त्रिफला चूर्ण पावडर खाने के फायदों के बारे में जानने वाले हैं त्रिफला चूर्ण के अन्दर इतने सारे गुण होते है इसको खाने से किसी और दवाई की जरुरत ही नहीं पड़ेगी
त्रिफला चूर्ण में टेनिन, गेलिक एसिड, चेबुलीनी एसिड और विटामिन सी होता है, ये सारी चीजें शरीर को बहुत फायदा करती है, त्रिफला चूर्ण एक लेक्जेटिव के तौर पर काम करता है
आइये जानते इसके फायदों के बारे में ….
इसके सेवन से आपके पेट से जुडी काफी सारी समस्याएँ ठीक होने लगेंगी| इससे आपका पेट खुलकर साफ होने लगेगा, यह मल को नरम बना देता है, जिससे मल त्याग करने में आसानी होती है, कब्ज दूर करने की बाकि चूर्ण की तरह त्रिफला चूर्ण की शरीर को आदत नहीं पड़ती है, अगर कब्ज के वजह से आपके पेट में दर्द होता है तो उससे वह भी ठीक होता है, त्रिफला आपके पेट की सफाई करता है, आपके पेट में या आँतों में फंसी गैस को निकालता है, जिन लोगों को गैस की प्रोब्लम रहती है पेट में अफारा पड़ता है उन लोगों के लिए त्रिफला बहुत अच्छा होता है,
त्रिफला एसोफेगस से लेकर एनस तक पूरे डाईजेस्टिव ट्रेक्ट को न्यूट्रीशन प्रदान करता है त्रिफला रेक्टल मसल को ताक़त देता है, कब्ज की वजह से आंतो में आई सुजन त्रिफला का रेगुला सेवन करने से ठीक हो जाती है ,कब्ज की वजह से आंत पर कहीं कट या चिरा लग गया है तो इससे वह भी ठीक हो जाता है पेट साफ करने के लिए दो चम्मच त्रिफला चूर्ण रात को सोते समय गरम पानी के साथ खाएं
दूसरा फायदा यह आपके शरीर में यह होगा कि इससे आपके शरीर की डीटोक्सीफिकेशन होने लगेगी यानि सभी टोक्सिंस याने की जहरीले पदार्थ शरीर से बाहर निकलने लग जाएगी , त्रिफला पूरे शरीर को डीटोक्सीफाय करता है, त्रिफला आंत और लीवर को डीटोक्सफाय करता है और साफ करता है यह खून की सफाई करता है और नर्वस सिस्टम को ताक़तवर बनाता है ,त्रिफला खाने से आपकी त्वचा चमकदार बन जाती है पाचन तंत्र पत्थर जैसा होगा ,ये कर लिया तो | पाचन तंत्र मज़बूत करने के लिए Home remedy For Digestion
शरीर को डीटोक्सीफ़ाय करने के लिए रात को सोते समय दो चम्मच त्रिफलाचूर्ण और एक चम्मच बारीक़ कटा हुआ अदरक एक ग्लास पानी में भीगो दें सुबह उठकर इन सबको एक साथ उबालें ,जब पानी आधा रह जाये तो इसे छान लें बीच में आधे निम्बू का रस मिलाएं और इसे गरम गरम चाय की तरह खाली पेट पियें ,शरीर को पूरी तरह से डीटोक्सीफाय करने के लिए आपको यह ड्रिंक कम से कम एक हफ्ते तक लगातार पीना है आप चाहे तो इसका लगातार लम्बे समय तक सेवन भी कर सकते हैं
अगला फायदा आपके शरीर में यह होगा कि इससे आपके आँखों को रोशनी बढ़नी शुरू हो जाएगी, त्रिफला एंटी केट्रेट होता है यानि यह मोतियाबिंद को ठीक करता है और मोतियाबिंद को होने से रोकता है , त्रिफला का लगातार इस्तेमाल करने से आखों की रौशनी बढती है, आखों की बीमारी का इलाज करने के लिए आयुर्वेद की बहुत सारी दवाओं में त्रिफला का इस्तेमाल किया जाता है ,
अपनी आखों का देखभाल करने के लिए आप हर रोज त्रिफला चूर्ण खाएं और त्रिफला चूर्ण से अपनी आखें धोएं, एक या दो चम्मच त्रिफला चूर्ण को गरम पानी में भीगो दें और रातभर भीगा रहने दें, सुबह उठकर इसे कपडे से छान लें और इस पानी से पानी अखो को धों लें ऐसा करने से आपकी आखों में कभी भी इन्फेक्शन नहीं होगा और आपकी आखें एकदम स्वस्थ रहेंगी, इससे आखों की रौशनी भी कम नहीं होगी और आखों रौशनी एकदम बरकरार बनी रहेगी
इसके अलावा आपके ब्लड सर्कुलेशन में सुधार हो जायेगा, आपका ब्लड सर्कुलेशन बढ़ जायेगा, अपने ब्लड सर्कुलेशन को उत्तेजित करने के लिए और बढ़ाने के लिए दिन में एक बार त्रिफला चूर्ण खाना बहुत ही बेहतरीन तरीका है, त्रिफला शरीर की बारीक़ से बारीक़ नस में भी ब्लड के फ्लो को बढ़ा देता है ,खून का प्रवाह बढ़ने से आपको यह फायदा होता है कि इससे आपके पूरे शरीर में आक्सीजन ज्यादा मात्रा में जाने लगती है, रोजाना रात एक चम्मच चूर्ण फैट पिघल कर निकल जायेगा बाहर
इससे आपको बहुत सारी बीमारी होने का ख़तरा कम हो जाता है, जैसे हार्ट अटैक, हाई कोलेस्ट्राल और नसों के अन्दर से बंद हो जाना, त्रिफला शरीर में रेड ब्लड सेल्स को भी बढ़ा देता है
अगर आपके शरीर के अन्दर या बाहर किसी भी तरह की कोई सुजन है तोवः सुजन कम हो जाएगी, कमजोर या ख़राब इम्यून सिस्टम की वजह से या शरीर में विटामिन्स या मिनरल्स की कमी की वजह से शरीर में सुजन पैदा हो सकती है त्रिफला इस सुजन को कम करता है
आपके शरीर में पोषक तत्वों की कमी दूर ही जाएगी, त्रिफला ने बहुत सारे विटामिन्स और मिनरल्स होते हैं ,जिनकी जरुरत आपके शरीर को होती है , इसमें आयरन भी होता है जो शरीर में खून की कमी को दूर करता है तो त्रिफला खाकर आप अपने शरीर में पोषक तत्वों की कमी को दूर कर सकते हैं
अगला फायदा इससे आपकी इम्युनिटी पावर बढ़ जाएगी, त्रिफला में आंवला होता है जिसमे पाया जाने वाला विटामिन सी एक शक्तिशाली एंटी अक्सिडेंट है जो शरीर में मौजूद फ्री रेडिकल से लड़ता है ,त्रिफला में हरड होती है जो शरीर में इन्फ्लामेशन को घटाती है, हरड शरीर में वाईट ब्लड सेल्स को बढाती ई वाइट ब्लड सेल्स ककी वजह से ही शरीर बिमारियों से और बाहर से आने वाली इन्फेक्शन से लड़ पाता है वाइट ब्लड सेल्स को इम्यून सेल्स भी कहा जाता है
व्हाईट ब्लड सेल्स ज्यादा होने से इम्युनिटी बढती है, त्रिफला में बहेड़ा होता है जो बक्टिरिया ईस्ट और फंगस से लड़ता है , बहेड़ा में गेलिक एसिड होता है जो बक्टिरिया को मारने के बाद उन्हें ठिकाने लगाने की शरीर की ताक़त को बढाता है, बहेड़ा भी इम्यूनसिस्टम को ताक़तवार बनाता है अगर आप अपने इम्यून पावर को बढ़ाना चाहते हैं तो आधा चम्मच से लेकर एक चम्मच त्रिफला का चूर्ण शहद मिलाकर दिन में दो बार शहद मिलाकर दिन में दो बार खाएं, इम्यून पावर को बढ़ाने के लिए आपको कम से कम दो महोने लगातार त्रिफला चूर्ण खाना पड़ेगा
आपको कैंसर जैसी गंभीर बीमारी होने का ख़तरा बहुत ही कम हो जायेगा, ऐसा माना जाता है कि कुदरत ने हर बीमारी का इलाज किसी न किसी पौधे में जरूर डाला है, त्रिफला के केस में यह बात सच साबित होती है, त्रिफला चूर्ण में एंटी कैंसर गुण होते हैं इसका एंटी न्यूप्लास्टिक इफ़ेक्ट होता है यानि यह कैंसर में दी जाने वाली एंटी न्यू प्लास्टिक दवाओं की तरह कम करता है, त्रिफला कीमोथेरेपी के बुरे प्रभावों को भी कम करता है,
अगर आपको डाइबिटीज है तो आपको अपने डाइबिटीज को मेनेज करने में बहुत आसानी होगी, ऐसा इसलिए क्यूंकि त्रिफला में एंटी डाइबिटीक गुण होते हैं, त्रिफला खून में शुगर के लेवल को घटाता है , त्रिफला खाने से शरीर की कोशिकाएं आसानी से इन्सुलिन प्राप्त कर पाती हैं, इससे आपको इन्सुलिन ज्यादा मात्रा में नहीं लेनी पड़ती और इन्सुलिन कम मात्रा में लेने से ही काम चल जाता है
इससे आपके शरीर के ऊपर से फालतू चर्बी धीरे धीरे कम होने लगेगी, आपका वजन धीरे धीरे कम होने लगेगा और आपकी हड्डियाँ मजबूत बन जाएगी, त्रिफला फैट मेटाबोलिज्म को सुधरता है याने चर्बी के पाचन को सुधारता है, त्रिफला खाने से पाचन तेजी से होता है, चर्बी तेजी से बढ़ होती है, मोटे लोगों में फैट का पाचन सही न होने की वजह से हड्डियाँ भी कमजोर हो जाती है,
त्रिफला में ब्लड प्रेशर को कण्ट्रोल करने के गुण होते हैं यह कोलेस्ट्राल कम करता है और ब्लड के फ्लो को बढाता है जिससे ब्लड प्रेशर कण्ट्रोल होता है, त्रिफला में लिलोलेनिक एसिड होता है यह भी ब्लड प्रेशर को कण्ट्रोल करता है और दिल की बीमारी होने से रोकता है
कभी भी आपके शरीर के ऊपर कोई जख्म होगा तो आपके जख्म जल्दी भर जायेंगे, त्रिफला में एंटी इन्फ्लामेत्री और एंटी माइक्रोबायल गुण होते हैं जिसके कारण जख्म भरने की स्पीड तेज हो जाती है
इससे आपके बालों का उगना तेज हो जायेगा, अगर आपके बाल झड़ते हैं और पतले हो गए हैं तो आपको त्रिफला का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए इसके लिए आपको त्रिफला खाना भी चाहिए और लगाना भी चाहिए, त्रिफला चूर्ण में थोडा सा पानी मिलाकर पेस्ट बना लें और इसे बालों की जड़ों में लगायें इससे म्बलों का बढ़ना तेज हो जायेगा, त्रिफला बालो में नमी को रोकता है और गंजेपन से बचाता है
आपके सर से डेंड्रफ ख़तम हो जायेगे, त्रिफ्लाका पेस्ट सर पर लगाने से कितनी भी गभीर डेंड्रफ हो मिनटों में ख़तम हो जाती हैं
दो बड़े चम्मच त्रिफला चूर्ण को चार पांच चम्मच पानी में मिलाकर बालों की जड़ों में लगायें और हलकी मालिश करें इसे आधा घंटा लगा रहने दें और उसके बाद पानी से धो लें त्रिफला में पाए जाने वाला विटामिन सी गालब्लेडर और लीवर के लिए अमृत के समान है और जिन महिलाओं को मेन्सट्रल प्रोब्लम रहती है उनके लिए ये खासकर बहुत अच्छा है
त्रिफला में पाया जाने वाला आंवला यूरिनरी सिस्टम और रेस्पिरेट्री सिस्टम के लिए बहुत अच्छा है,आंवला दिमाग को उत्तेजित करता है ,जिससे चाय कॉफी की जरुँरत कम पड़ती है , त्रिफला में पायी जाने वाली हरड सप्लिन और लीवर के लिए बहुत अच्छी होती है, यह भी माइंड को बूस्ट करती है
त्रिफला वात पित्त और कफ तीनो तरह की प्रकति वाले लोगों के लिए अच्छा होता है लेकिन इन तीनो प्रक्तियों के लिए चूर्ण में तीनो जड़ी बूटियों अनुपात याने रेश्यो अलग अलग होती है
आपको वायरल और बक्टिरियल इन्फेक्शन होने का ख़तरा कम हो जायेगा, चाहे सर्दी जुकाम जैसे आम बीमारी हो या HIV जैसी गंभीर बीमारी हो, त्रिफला हर तरह के बक्टिरियल और वायरल इन्फेक्शन को रोकता है, यही कारण है कि आयुर्वेदिक डॉक्टर त्रिफला चूर्ण का इस्तेमाल सदियों से सैकड़ों किस्म के बिमारियों का इलाज करने के लिए करते रहे हैं
आपके मोशन सिकनेस की प्रोब्लम ख़तम हो जाएगी ,मोशन सिकनेस का मतलब है कि अब भी आप टेवल करते हैं यानि बस वगेरह में सफ़र करते हैं तो आपको चाकर आने लगते हैं या उल्टियां आने लगती हैं, त्रिफला का लगातार सेवन करने से यह समस्या ख़तम हो जाती है, जब भी कहीं पर ट्रेवल करना चाहते हैं तो ट्रेवल करने से पहले आधा छोटा चम्मच त्रिफला चूर्ण और एक छोटा चम्मच शहद मिलाकर खा लें इससे आपको सफ़र के दौरान कोई भी दिक्कत नहीं होगी
आपके शरीर में होरमोंस का बेलेंस सही हो जायेगा, त्रिफला चूर्ण एंडोक्राईन ग्रंथियों के ऊपर अपना अच्छा असरडालता है खासकर यह थाईरोइड ग्रंथि के ऊपर अपना बहुत अच्छा अपना प्रभाव डालता है, त्रिफला खाने से आप आप स्ट्रेस फ्री महसूस करते हैं होरमोंस का बेलेंस सही करने के लिए एक छोटा चम्मच त्रिफला चूर्ण गरम पानी के साथ रात को सोते समय खाएं
आपके मुंह से दुर्गंध आनी बंद हो जाएगी, मुंह से आने वाली बदबू को दूर करने के लिए त्रिफला चूर्ण आयुर्वेद की सबसे अच्छी दवा है मुंह की दुर्गन्ध को दूर करने के लिए एक छोटा चम्मच त्रिफला चूर्ण और एक छोटा चम्मच नमक गरम पानी में मिलाकर इसका कुल्ला करें आपके मुंह की बदबू तुरंत दूर हो जाएगी
आपकी त्वचा बेबी सॉफ्ट बन जाएगी यह चमत्कारिक पावडर आपकी त्वचा में फिर से जान ले आता है, मोइस्चराइज करता है, चिकना बनाता है और नरम बनाता है ऐसा इसलिए है क्योंकि त्रिफला में पाए जाने वाले बहुत सारे एंटी अक्सिडेंट काले धब्बों को ख़तम करते हैं और एकमे पैदा करने वाले बक्टिरिया को मारते हैं, त्रिफला से रुखी और पपड़ीदार त्वचा भी ठीक हो जाती है
आपके आखों के निचे के काले घेरे ठीक हो जायेंगे आखों के निचे के काले घेरों को ठीक करने के लिए त्रिफला के पानी से आखों को धोना सबसे अच्छा तरीका है इससे अखन के आसपास आई सुजन भी ठीक हो जाती है
इससे आपके तवचा पर होने वाली खाज खुजली ठीक हो जाएगी , त्रिफला खाज कर एक्जीमा को ठीक करने के लिए बहुत अच्छा है , त्वचा के ऊपर जहाँ पर समस्या है उस एरिया को त्रिफला के पानी से धोईये प्रोब्लम ठीक हो जाएगी
