Remedies to relieve back pain and joint pain: Joints कमर में दर्द, हाथ पैर दर्द है|
दोस्तो जोड़ो में दर्द…कमरदर्द, पीठ दर्द होना कॉमन है और ज्यादातर ये समस्या बुजुर्ग और मध्यम आयु वाले लोगों में देखी जाती थी लेकिन आजकल युवाओ में भी इसका असर देखने को मिल रहा है जो बहुत ही चिंता का विषय है कमरदर्द के symptoms कुछ इस तरह से होते है जैसे कमर व कूल्हों के आसपास दर्द, रीढ़ की हड्डी में दर्द, सोने में तकलीफ महसूस करना ..उठने बैठने और झुकने में दर्द महसूस करना…

और ये क्यों होता है इस पर भी थोडा ध्यान देते है
पीठ कमर में दर्द कई वजहों से हो सकता है जैसे मांसपेशियों में तनाव, बेवजह कोई भी चीज़ खाना..डाईजेशन सही से न होना, सही ढंग से न बैठना, हड्डिया कमजोर होना, शरीर में कैल्शियम Vitamin D की कमी ..आलस्य की वजह से एक्सरसाइज योग को नज़र अंदाज़ करना, या शरीर से ज्यादा काम लेना..पोष्टिक आहार की कमी..
महिलाओ में कमरदर्द गर्भावस्था के दौरान भी होता है

कमरदर्द , पीठ दर्द के कारन रोजमर्रा के काम को करना बेहद मुश्किल हो जाता है
शरीर में किसी भी प्रकार का दर्द होने पर ज्यादातर लोग दर्द की दवाएं खाकर इससे तुरंत के लिए निजात पा लेते हैं। मगर इन दवाओं का उन लोगों के शरीर पर बहुत ही बुरा प्रभाव पड़ता है, इससे वे अंजान रहते हैं। ये आने वाले समय के लिए घातक होता है। ये बाद में मालूम पड़ता है की ऐसा करके बहुत बड़ी गलती कर दी तब पछताने के सिवाय कुछ नहीं रहता।
आप ये कुछ प्राकृतिक उपचार इस्तेमाल करे जिससे आप कमरदर्द से आसानी से निजात पा सकते है और जो चीज़े में आपको बताऊंगा वो आपको आसानी से मिल जायेगा।
कमरदर्द, घुटनों के दर्द में मेथी के बीज का प्रयोग बहुत कारगर होता है।
मेथी में कई ऐसे गुण होते हैं जिन्हें जानकर आप हैरान रह जाएंगे। मेथी के दानों में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। मेथी तमाम एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती है। एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण मेथी दर्द और सूजन को दूर करने के लिए कारगर है ये नेचुरल उपाय है इसका किसी भी प्रकार का साइड इफ़ेक्ट नही है।

मेथी के दानों में पेट्रोलियम ईथर एक्सट्रैक्ट नामक एक यौगिक पाया जाता है। जिसमें मुख्य रूप से लिनोलिक एसिड और लिनोलेनिक एसिड शामिल हैं। इसलिए इस दानों के सेवन से घुटने और हड्डियों के दर्द में राहत मिलती है।
मेथी का सेवन कैसे करें
इसके लिए रात में एक चम्मच मेथी दाने को 1 गिलास पानी में भिगोकर रख दें..सुबह मेथी सहित पानी को हल्का गर्म कर लें। छान कर पानी भूखे पेट यानि खली पेट पी लें..बचे हुए मेथी को खा लें..या पानी के साथ निगल लें लेकिन ध्यान रहें गर्भवती स्त्री..इसे ना लें।
इसे इस तरीके से गर्मियों में भी लिया जा सकता है…सर्दी के मौसम में मेथी पाउडर आधा चम्मच हलके गर्म पानी के साथ ले सकते हैं ..ऐसा आप लगातार 2 महीने तक सेवन करें।
खसखस के सेवन से कमरदर्द, जोड़ो के दर्द से निजत पाएं।
100 ग्राम खसखस बीज और 100 ग्राम मिश्री..100 ग्राम बादाम को मिक्सर में पीस लें।
इस मिश्रण का 2 चम्मच रात को 1 गिलास दूध के साथ ले।
सप्ताह में 3 बार इसका इस्तेमाल करने से न सिर्फ कमर दर्द ठीक हो जाता है बल्कि शरीर में ताकत भी बढ़ती है।..और नींद भी अच्छी आती है.. चेहरे का चमक बढ़ता है और दिल दिमाग..Healthy बनाये रखता है।
कमर दर्द का इलाज करने के लिए रोज सुबह खाली पेट लहसुन की 3-4 कलियों का सेवन करना शुरु कर दें। इससे सिर्फ कमर को ही नहीं बल्कि शरीर के कई अहम हिस्सों को फायदा होगा।
रागी ….
कैल्शियम की कमी से बचने के लिए रागी का सेवन करें, इसमें भरपूर मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है, जो दूसरी चीजो के मुकाबले काफी ज्यादा लगभग 3 से 5 गुना ज्यादा होता है, बड़े हों या बच्चे हड्डियों की मजबूती के लिए रागी सम्पूर्ण आहार का काम करता है, इसकी बनी रोटी खाने वालो को हड्डियों में कैल्शियम की कमी से होने वाला रोग आस्टियोपोरोसिस नहीं होता है।
यदि घुटनों में दर्द, कमर और बदन में दर्द होता रहता हो तो रागी का सेवन जरूर करें। इसके अलावा रागी में ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो त्वचा को झुर्रियों से बचाते हैं, विटामिन D भी रागी में भरपूर मात्रा में होता है, जो स्किन के ग्लो को बढ़ाता है..रागी…जिसे इंग्लिश में Finger millet, और कई जगहों पे मडुआ, नचनी के नाम से जाना जाता है।
रागी का सेवन कैसे करें ….
आप अधिक पौष्टिक चपाती बनाने के लिए गेहूं के आटे के साथ रागी का आटा नियमित रूप से मिला सकते हैं। रागी से बनी इडली, डोसा, दलिया, या चिला खाएं, इससे आपको पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम मिलेगा।..
गेहूं की रोटी और तिल के तेल से कमर दर्द (पीठ के निचले हिस्से के दर्द) का उपचार (Sesame Oil and Wheat Bread: Home Remedy for Lower Back Pain in Hindi)
कमर दर्द का इलाज करने के लिए एक रोटी केवल एक ही तरफ से सेकें। दूसरी तरफ से कच्चा छोड़ दें। अब रात को सोते समय रोटी के कच्चे वाले हिस्से पर तिल का तेल लगायें। इस रोटी को अपनी कमर पर दर्द वाले हिस्से पर बांध लें और सो जाएँ। सुबह उठकर आप देखेंगे कि कमर का दर्द गायब हो चुका है। इस क्रिया को आप रोजाना भी कर सकते हैं।
जड़ी बूटी तेल से कमरदर्द, जोड़ो के दर्द से छुटकारा पा सकते हैं …
अपनी पीठ को हर्बल तेल से मसाज़ करें इससे आपकी मांसपेशियों को आराम मिलेगा और पीठ का दर्द भी दूर होगा, आप हर्बल तेल जैसे निलगिरी, बादाम, जैतून या नारियल का इस्तेमाल कर सकते हैं।
तेल को गर्म कर लें फिर उससे पीठ के दर्द वाले जगह पर धीरे धीरे मसाज़ करें आपको आराम मिलेगा।
कमरदर्द, व जोड़ो के दर्द को दूर करने के लिए एक्सर साइज़ करें…

मकरासन-
पेट के बल लेटकर हाथ की कोहनियों को मोड़कर बिल्कुल सीधे हथेलियों पर ठोड़ी को रखिये। धीरे-धीरे लंबी सांस खींचते हुए दोनों पैर की एड़ियों को कूल्हे से सटाने का प्रयास कीजिए। सांस छोड़ते हुए पूर्व स्थिति में आ जाइये।
धनुरासन
धनुरासन बंध कंधो को खोलता है। यह पीठ को लचीला बनाता है। तथा शरीर से तनाव व जड़ता को दूर करता है।
त्रिकोणासन
त्रिकोणासन हमारी टांगों, घुटनों व टखनों को मजबूत करने में लाभकारी है। यह सायटिका व कमर-दर्द में भी राहत प्रदान करता है। यह घुटनों की नस, कमर, जंघा की संधि व नितम्ब में खिंचाव उत्पन्न कर उनको गतिशीलता प्रदान करता है।
आवश्यक सावधानियां:
योगासन से जोड़ों का दर्द बढे नहीं, इसके लिए अभ्यास के दौरान शरीर को सहारा देने वाली वस्तुओं, तकियों व अन्य उपकरणों की सहायता लें। अपनी शारीरिक क्षमता से अधिक जोर न दें। अगर दर्द बढ़ जाता है तो तुरंत योगाभ्यास बंद कर दें व चिकित्सक से परामर्श करें।
कुर्सी पर बैठते वक्त आराम से बैठें। पीठ को कुर्सी का सपोर्ट मिलना जरूरी है। आप के हाथ को भी सपोर्ट मिलना जरूरी है। हर एक घंटे के बाद कुर्सी से उठ जाएं, ताकि शारीरिक स्थिति में बदलाव आए। काम के बीच में स्ट्रेचिंग द्वारा शरीर को रिफ्रेश करें। इस बात का ध्यान रखें कि आपके काम करने की जगह आरामदायक हो (kamar dard ke upay), अचानक झुकने से बचें, बैठते समय पॉश्चर सही रखें।
कम्प्यूटर पर काम करते वक्त इन चीजों का ध्यान रखें- आप अगर लैपटॉप और डेस्कटॉप पर काम कर रहे हों तो इस चीजों के सबसे ऊपरी भाग आपकी नजर के 90 डिग्री के कोण में होनी चाहिए। वहीं माउस भी 90 डिग्री के कोण पर होना चाहिए। मोबाइल फोन इस्तेमाल करते वक्त गर्दन न झुकाएं, सिर्फ नजर नीचे रखें।
पैदल चलें- किसी भी व्यक्ति को फोन करते वक्त चलते-चलते फोन करें। ऑफिस में किसी को टेक्स्ट मेसेज भेजने से अच्छा है, उसके डेस्क के पास जा कर बात करें। इसी बहाने आप कुछ कदम भी चल लेंगे।

वजन उठाते वक्त सावधान रहें- वजन उठाते वक्त पूरी तरह नीचे ना बैठें। वजनदार चीज आपके शरीर के पास आने दें और उसके बाद ही उसे उठाएं। ऐसा न करने पर आपको पीठ की तकलीफ हो सकती है।
स्वस्थ खान-पान- खान-पान की सही आदतें न केवल सेहतमंद वजन बनाए रखने में मदद करती हैं बल्कि इससे शरीर पर अतिरिक्त दबाव कम होता है।
सोने का सही तरीका- अपने सोने के तरीके में सामान्य बदलाव करके आप पीठ पर पड़ने वाले दबाव को कम कर सकते हैं, सोने का सबसे अच्छा तरीका है, करवट लेकर सोना और अपने पैरों के बीच में तकिया रखना।
मानसिक तनाव को कम करें- लोग वाकई इस बात को समझते हैं कि तनाव से पीठ/कमर दर्द की समस्या बढ़ती है, योग, ध्यान, गहरी सांस लेने, आदि से तनाव को दूर करने में मदद मिलती है और दिमाग शांत रहता है।
धूम्रपान न करें- धूम्रपान करने से पीठ दर्द की मौजूदा समस्या बहुत बढ़ जाती है। धूम्रपान छोड़ने से ना केवल पीठ दर्द का खतरा कम होता है बल्कि इससे कैंसर, डायबिटीज और जीवनशैली से जुड़ी अन्य बीमारियों को भी दूर करने में मदद मिलती है।
नियमित व्यायाम और योग करें- शरीर को लचीला और अच्छी शारीरिक मुद्रा बनाये रखने के लिए योग और व्यायाम सबसे सही तरीके हैं। नियमित योग करने से तनाव कम होता है और यह पूर्ण रूप से शरीर के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बनाए रखता है।

